मान्यताएं

शमिता और यश अपने छोटे बेटे आर्यन का रिश्ता ढूंढने के लिए बहुत अधीर थे |आजकल इंटरनैट से बेहतर साधन भला और कौन सा है?पति-पत्नि दोनो कम्प्यूटर के सम्मुख बैठकर , जो रिश्ते ठीक लगते उनको चिट्ठियाँ भेजते, कहीं ई-मेल का पता मिल जाता तो उसी क्षण ई-मेल कर देते |बहुत बेसब्री से उत्तर का इंतज़ार रहता |ढेरों पत्र व तस्वीरें आने लगीं, आखीर आर्यन डाँक्टर था |उनकी पसंद अमेरिका में पली भारतीय परिवार की लड़कियाँ थीं |कई पत्रों में जन्मकुंडली की मांग होती थी |उन्हें पढ़ते ही यश उनकी दकियानूसी से चिढ़ जाते थे |और कहते “दुनिया इक्कीसवीं सदी में पाँव रख चुकी है, और ये अभी भी बीसवीं सदी में जी रहे हैं |इनके नाम काट दो |” शमिता इन मान्यताओं को मानते हुए भी पति के समक्ष कुछ बोल नहीं पाती थी |……मान्यताएं Maanyataen

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